Thursday, April 3rd, 2025

राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से मुक्ति पाने के उपाय

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। यदि कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति प्रतिकूल हो, तो व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन ग्रहों की अशुभता जीवन में बाधाएं, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियां ला सकती हैं। ऐसे में विशेष उपाय करके इनके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है। शनिवार को इन उपायों को करने से विशेष लाभ मिलता है।

राहु के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय

  1. चंदन का उपयोग: यदि राहु के कारण जीवन में परेशानियां बढ़ रही हैं, तो सफेद चंदन का तिलक माथे पर लगाना शुभ माना जाता है। इससे राहु के प्रभाव को नियंत्रित किया जा सकता है।

  2. रत्न धारण करना: ज्योतिष के अनुसार, यदि राहु अशुभ स्थिति में हो, तो विशेषज्ञ की सलाह से गोमेद रत्न धारण करना लाभदायक हो सकता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को कम करके जीवन में स्थिरता लाने में मदद करता है।

  3. शनिवार का व्रत: राहु दोष को शांत करने के लिए शनिवार के दिन व्रत रखना शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ करने और दान देने से राहु का प्रभाव कम हो सकता है।

  4. राहु मंत्र का जाप: शनिवार को राहु के बीज मंत्र या वैदिक मंत्रों का जाप करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस दौरान नीले रंग के फूल चढ़ाने से विशेष लाभ होता है।

केतु के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय

  1. तिल और काले वस्त्र का दान: केतु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए शनिवार को काले तिल, काले वस्त्र और लोहे का दान करना शुभ होता है। यह उपाय मानसिक शांति और जीवन में स्थिरता लाने में सहायक माना जाता है।

  2. नींबू और नारियल का प्रयोग: केतु के प्रभाव को कम करने के लिए नींबू को काटकर घर के चारों कोनों में रखने या नारियल को बहते पानी में प्रवाहित करने से राहत मिलती है।

  3. कुत्तों को भोजन कराना: केतु को शांत करने के लिए कुत्तों को रोटी या दूध खिलाना शुभ माना जाता है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होता है जिनकी कुंडली में केतु अशुभ स्थिति में हो।

  4. केतु मंत्र का जाप: केतु के दोषों को शांत करने के लिए “ॐ कें केतवे नमः” मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए। इससे जीवन में आने वाली रुकावटें कम हो सकती हैं।

विशेष उपाय जो राहु-केतु दोनों को करेंगे शांत

  1. हनुमान जी की आराधना: शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने और बजरंग बाण का जाप करने से राहु और केतु दोनों के नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है।

  2. शनि देव की पूजा: शनिदेव को तेल चढ़ाने और शनि मंत्र का जाप करने से राहु-केतु के बुरे प्रभाव कम होते हैं।

  3. पीपल के पेड़ की पूजा: शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीप जलाने और सात बार उसकी परिक्रमा करने से भी इन ग्रहों की शांति होती है।

निष्कर्ष

राहु और केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए नियमित पूजा-पाठ और विशेष उपाय करना आवश्यक है। ज्योतिष शास्त्र में बताए गए इन उपायों को करने से जीवन में संतुलन और शांति बनी रहती है। शनिवार का दिन इन उपायों के लिए सबसे शुभ माना जाता है, इसलिए इस दिन इन उपायों को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।