पद्मावती विवादः जिस पर है आपत्ति, वे बातें किताबों में पढ़ा रही राजस्थान सरकार !

जयपुर: संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ का जिस बात के लिए विरोध किया जा रहा है, राजस्थान में उन्हीं बातों को स्कूल में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इस बात की खबर मिलते ही राज्य सरकार ने इस मामले पर उचित एक्शन लेने की बात कही है।

बता दें कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की किताबों में छात्रों को पढ़ाया जा रहा है कि रानी पद्मिनी को पाने के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया था और खिलजी ने शीशे में पद्मिनी की झलक देखी थी। रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों को इतिहास की किताब में पढ़ाया जा रहा है कि खिलजी ने रानी पद्मिनी को पाने के लिए चित्तौड़ के किले को घेर लिया था, जिसके बाद किले में राशन का संकट खड़ा हो गया था। इसके बाद राजा राव रत्न सिंह ने खिलजी को रानी की झलक शीशे में दिखाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था।

यही नहीं चित्तौडगढ किले के बाहर लगे पुरातत्व विभाग के शिलालेख और किले में दिखाए जा रहे लाइट एंड साउंड शो में भी इसी कहानी को बताया जाता है। इस बारे में मीडिया ने जब सरकार के संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है, लेकिन यदि पाठ्यक्रम में ऐसा कुछ पढाया जा रहा है तो उसकी समीक्षा जरूर कराएंगे। लेकिन निर्माता को इस आधार पर फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों की तोड़ मरोड़ का हक नहीं है।

अब जब ये ही बात फिल्म में दिखाई गई है तो राजस्थान की करणी सेना ने उस शीशे को तोड़ दिया है, जिसमें रानी पद्मिनी का प्रतिबिम्ब देखने की बात कही जाती है। अब जब बच्चों को यही बात किताबों में पढ़ाई जा रही है, ऐसे में सवाल उठता है कि फिल्म का विरोध क्यों किया जा रहा है? खैर देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म को इससे क्या लाभ होता है।

 

Web Title : Padmavati controversy: Those who are objectionable, they are reading books in the Rajasthan government!