अवनी चतुर्वेदी ने रचा इतिहास, लड़ाकू जेट उड़ाने वाली बनीं पहली भारतीय महिला पायलट

नई दिल्ली: असमान में ऊंची उड़ान भरने का सपना हर कोई देखता है लेकिन उसको असल जिंदगी में पूरा कुछ ही लोग कर पाते है। ऐसी ही एक मिसाल फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी ने भी रखी है। वह पहली  अकेली लड़ाकू विमान उड़ाने वाली भारतीय महिला बन गई है। इसको लेकर वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि अवनी अकेले लड़ाकू विमान को  उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बन गई है। उन्होंने मिग-21 बाइसन को अकेले ही अपने हौसलों के साथ बेहतरीन तरीके से उड़ाया। इस तरह की यह उनकी पहली उड़ान साबित हुई।

वायुसेना के अधिकारी के अनुसार यह विमान उन्होंने सोमवार को जामनगर वायुसेना स्टेशन से उड़ाया। आपको बता दें कि लड़ाकू विमान उड़ाने के तीन अवनी चतुर्वेदी के साथ – साथ भावना कांत और मोहना सिंह को कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही 2016 के जुलाई के महीने में उन्हें बतौर फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर शामिल किया गया था।

2015 में पहली बार भारत सरकार ने महिलाओं को फाइटर पायलट के लिए अनुमति दी थी। वहीं भारते के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जनवरी को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में महिलाओं के मुद्दे पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अवनी की उपलब्धि का भी जिक्र किया था। पीएम ने बताया कि तीन बहादुर महिलाएं भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी फाइटर पायलेट बनी हैं और सुखोई विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही है।

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