जम्मू में पाकिस्तान की गोलीबारी में राजस्थान के तीन वीर सपूत शहीद, गृह सचिव ने PMO को सौंपी रिपोर्ट

नई दिल्ली/जयपुरजम्मू-कश्मीर में सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से की गई फायरिंग में बीएसएफ के अधिकारी समेत चार जवान शहीद हो गए हैं. शहीद हुए जवानों में से तीन राजस्थान के हैं. सीकर के सहायक सब इंस्पेक्टर रामनिवास, भरतपुर के मूलनिवासी सहायक कमांडेट जितेंद्र सिंह और अलवर के कांस्टेबल अलवर हंसराज शहीद हुए हैं. इन जवानों की शहादत की खबर सुनते ही परिजनों का रो—रोकर बुरा हाल है. à¤°à¤¾à¤à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨: à¤à¤®à¥à¤®à¥ मà¥à¤ सà¥à¤à¤° à¤à¥ रामनिवास, भरतपà¥à¤° à¤à¥ à¤à¤¿à¤¤à¥à¤à¤¦à¥à¤°, à¤à¤²à¤µà¤° à¤à¥ हà¤à¤¸à¤°à¤¾à¤ शहà¥à¤¦

जितेंद्र सिंह भरतपुर, राम निवास सीकर और हंसराज गुर्जर अ​लवर जिले के रहने वाले थे. वहीं, रजनीश कुमार उत्तर प्रदेश के ऐटा के रहने वाले थे. जयपुर में रहता था जितेंद्र पाक सीजफायर उल्लंघन में शहीद होने वाला जवान जितेंद्र सिंह भरतपुर का है. फिलहाल, जितेंद्र का परिवार जयपुर स्थित रजतपथ पर रहता है. आज शाम तक शहीद की पार्थिव देह राजस्थान पहुंचेगा. शहीद हुए जितेन्द्र ने अपने माता—पिता और पत्नि को मंगलवार को ही जम्मू से जयपुर के लिए रवाना किया था. उनका परिवार जम्मू गया हुआ था. जितेंद्र के एक तीन साल का बेटा भी है.Dfiks_DVQAAc1gx.jpg

जितेन्द्र की पार्थिव देह आज शाम तक जयपुर आने की बात खबर है. लेकिन अभी तक ये तय नही है कि जितेन्द्र का अंतिम संस्कार जयपुर में होगा या अपने पैतृक निवास भरतपुर के सलेमपुर में होगा. बाबा चमलियाल चौकी को बनाया निशाना बीएसएफ अधिकारियों ने कहा, पाकिस्तानी रेंजर्स ने रामगढ़ सेक्टर में बाबा चमलियाल चौकी को निशाना बनाया, जहां चार जवान शहीद हो गए और तीन घायल हुए, घायलों को जम्मू में सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया है.Dfikw14U8AALk1d.jpgवहीं सीमा पर तनाव को लेकर अब केंद्रीय गृह सचिव राजीव गॉबा ने पीएमओ को रिपोर्ट सौंप दी है. गृह सचिव राजीव गॉबा ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात करके सीमा के ताजा हालात की जानकारी दी है. DfikyOUUcAAiL94.jpgइस घटनाक्रम पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन जवानो की शहादत को सलाम किया है. उन्होंने ट्विटर पर कहा- कि जवानों ने ‘देश के लिए बड़ा बलिदान दिया, मेरी सहानुभूति परिजनों के साथ है, भगवान इस दुख की घड़ी में परिजनों को हिम्मत दे.DfikxfaU8AApyrc.jpg

इस साल ये दूसरी सबसे बड़ी घटना

बता दें कि सीमा पर यह संघर्ष विराम उल्लंघन की ये दूसरी बड़ी घटना है. इससे पहले 29 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच 2003 के संघर्षविराम समझौते को लागू करने पर राजी होने के बावजूद यह घटना हुई है. तीन जून को प्रागवाल, कानाचक और खौर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की भारी गोलाबारी और गोलीबारी में एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर समेत दो बीएसएफ जवान शहीद हो गए थे और 10 लोग घायल हो गए थे.

लगातार पाकिस्तानी फायरिंग में शहीद हो रहे हैं जवान

पिछले महीने 15 मई और 23 मई के बीच पाकिस्तान की ओर से भारी गोलीबारी के कारण जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रह रहे हजारों लोगों को अपने घरों को छोड़कर जाना पड़ा था. इस दौरान गोलीबारी में दो बीएसएफ जवान और एक बच्चे समेत 12 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे.

2018 में अब तक 27 जवान शहीद

पिछले चार सालों में जब से मोदी सरकार है, इस साल सबसे ज्यादा जवान सीमा पर सीजफायर उल्लंघन में शहीद हुए हैं. आंकड़े कुछ इस तरह हैं- साल 2014 में तीन जवान शहीद हुए. साल 2015 में 10 जवानों की शहादत हुई. वहीं 2016 में 13 जवानों ने देश के लिए अपनी जान दी. 2017 पाकिस्तानी गोलीबारी में 18 जवानों को अपनी जानें गंवानी पड़ी और 2018 में अब तक 27 जवान शहीद हो चुके हैं. गौर करने वाली बात ये है कि साल 2018 में अभी जून का महीना चल रहा है और इस हिसाब से ये साल अभी आधा खत्म भी नहीं हुआ है. आपको बता दें कि चार साल में कुल 71 जवानों ने देश के लिए कुर्बानी दे दी.

Web Title : 3 jawans of Rajasthan martyrs in Pakistan firing in Jammu